गुजरात की हालत गंभीर पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द की गई
जहां देश एक तरफ विकास की स्थिति को प्राप्त कर चुका है वहीं दूसरी तरफ देश में दंगा और हिंसा कम होने का नाम नहीं ले रहे है । इस बार दंगे का शिकार गुजरात हुआ है ।
गुजरात के हिम्मतनगर में एक नाबालिग से व्यभिचार के बाद हिंसा की खबरें आ रही है । पूरा गुजरात दंगे की आग में जल रहा है । पुलिस महानिदेशक शिवानंद झा ने बताया कि पुलिस सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर रहे हैं । अब तक की हिंसा के मामलों में लगभग 350 लोगों को हिरासत में लिया गया है । दंगा और हिंसा कम होने का नाम नहीं ले रहा है । इसलिए लगातार पुलिस की संख्या बढ़ाई जा रही है । पुलिसों की संख्या को देखते हुए गुजरात के सारे पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई है । यह छुट्टियाँ अनिश्चितकाल के लिए रद्द कर दी गई है । उन्होंने बताया कि पुलिस के 17 टीमों को लगाया गया है । अभी भी हालात में सुधार देखने को नही मिल रहा है । जगह जगह पर दंगे होने की खबरें लगातार आ रही है ।
गौरतलब है कि हाल ही में 14 वर्ष की बच्ची से व्यभिचार की घटना सामने आई थी इसके वजह से गुजरात के लोगों में काफी ज्यादा आक्रोश देखा गया था । गुजरात में रहने वाले उत्तर भारतीय जो खासकर उत्तर प्रदेश और बिहार से संबंधित हैं । इस दंगे में उत्तर प्रदेश और बिहार के वासियों को ही शिकार बनाया जा रहा है । इस इंसान के चलते लगभग हजारों की संख्या में लोग गुजरात को छोड़कर अपने अपने घर की ओर लौट रहे हैं ताकि वह किसी तरह से इस दंगे से अपनी जान को बचा सके । इस मामले में और इस दंगे में हमला करने वाले ज्यादातर ठाकोर समुदाय वाले हैं जिनका नाम परिलक्षित हो रहा है ।
गुजरात में ठाकोर समुदाय पर हिंसा करने का जैसे ही ठाकोर समुदाय का नाम आया कांग्रेस के नेता अल्पेश ठाकोर ने जनता से सीधे संवाद करते हुए बताया कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण समय है । ठाकोर समुदाय ने कभी भी हिंसा की वकालत नही की है और ना ही हिंसा में विश्वास नहीं रखा सभी भारतीय गुजरात में सुरक्षित है ।

